March 4, 2017

शिमला में माल रोड पर नहीं आना चाहिए




कई बार कुछ बातें आपको इतनी दिलचस्प लगती हैं की आप उन्हें जिन्दगी भर नहीं भूल पाते. ऐसी ही लगभग ५० साल पुरानी मेरे मित्र एम के सिंह द्वारा कही गयी यह बात मेरे मन में ऐसी बैठी कि मैं आज तक नहीं भूल पाया हूँ. जब भी यह बात याद आती है, हंसी नहीं रुक पाती.  कह नहीं सकता कि आज की तारीख में एम के सिंह को अपनी कही यह बात याद भी है या नहीं.


शिमला की माल रोड
 
एम के सिंह मेरे एक पुराने मित्र और सहयोगी हैं. हम दोनो सन ने १९६२ में एक साथ ही हिमाचल के होर्टीकल्चर विभाग में नौकरी शुरू की थी. एम के सिंह अब रिटायरमेंट के बाद यू पी में, जहां के वे मूल निवासी थे, रहने चले गए हैं पर फिर भी वह फेसबुक के माध्यम से अपने पुराने साथियों से लगातार संपर्क बनाए रखते हैं

एक बार हम सब लोग किसी मीटिंग के सिलसिले में शिमला आये हुए थे. यह कोइ प्रादेशिक स्तर की मीटिंग थी और सारे हिमाचल से लोग आये थे. गर्मियों का मौसम था और शिमला शहर टूरिस्टों से भरा था. शाम को मीटिंग के बाद सब लोग माल रोड की सैर को आ जाते और रौनक देखते और आपस में गपशप करते. एम के सिंह शायद उन दिनों शिमला में ही नवबहार में पोस्टिड थे और संजोली में रहा करते थे, 


आज के एम् के सिंह धर्म पत्नी संग

एक दिन शाम को  सब साथी मॉल रोड पर घूम रहे थे. मॉल रोड रंग बिरंगे टूरिस्टों से भरा था. तब एम के सिंह बोले, यार, इन दिनों मॉल रोड पर नहीं आना चाहिए. किसी ने पूछा क्यों. तो एम के सिंह ने बहुत गंभीर मुद्रा में उत्तर दिया कि मॉल रोड पर एक से बढ़के एक सुन्दर औरतें दिखतीं हैं. इन सबको देखने के बाद जब वापिस घर पहुँचने पर जब बीवी पर नजर पड़ती है, तो दिल करता है की इसको इसी वक्त घर से बाहर कर दें. 

3 comments: