October 19, 2017

रियो डि जनेरो - 1


आम तौर पर जब हम भारतीय लोग विदेश यात्रा करने की सोचते हैं, तो हमें इंगलैंड, अमेरिका और कुछ अन्य देशों कया ही ध्यान आता है.  दक्षिणी अमेरिकी देशों में घूमने के बारे में कम ही लोगों कया ध्यान जाता है. मैंने भी यहाँ जाने का उस समय सोचा जब मैं विश्व के अन्य जब प्राय द्वीपों में जा चुका था और केवल दक्षिणी ही शेष रह गया. मैं अक्सर इस बारे में घर में बात करता रहता था. मेरी पत्नी भी यह सुन कर कहती रहती थी कि आप वहां जा ही आओ क्योंकि आपके "चार धाम" तभी पूरे होंगे.


रिओ डि जनेरो के समुद्र तट पर मैं
        भाग्यवश वश मुझे ब्राजील से वहां की संस्था "रेयर फ्रूट सोसाइटी ऑफ़ ब्राजील" से ब्राक्जील आने का  निमंत्रण मिला और मैं सन 2007 में वहां जा सका. मैंने बारजील के साथ साथ अर्जेंटीना भी जोड़ लिया और इस प्रकार तीन सप्ताह दोनों देशों के घूमने में बिताये. ब्राजील में मैं कुछ गाँवों के अतिरिक्त साओ पौलो, रियो डि जनेरो और विश्व प्रसिद्ध इगुआसु जल प्रपात भी गया.

       आइये आज आइये आप मित्रों को रियो डि जनेरो के बारे में बताते हैं और इस सुन्दर शहर के कुछ नज़ारे दिखाते हैं.


कोपकबाना  का प्रसिद्द समुद्र तट  
        
        शुरू करते हैंरियो डि जनेरो के   प्रसिद्ध समुद्र तट (बीच) कोपाकबाना सेयह बीच शहर के एक कोने पर  स्थित है.  इसकी विशेषता मुझे यह सड़क की ही ऊंचाई कीहै .लगता है यहाँ लहरे नहीं उठती वरना सड़क कुछ ऊंची होती जैसी की मुंबई की मेरिन ड्राइव की है . रियो डि जनेरो टूरिस्टों का एक बहुत ही लोक प्रिय शहर है इसलिए इस बीच पर बहुत भीड़ रहती है .

कोपाकबाना  की विशेष डिजाइन वाली सड़क  
        
        इस बीच की एक विशेषता यह है की यहाँ की मुख्य सड़कएक विशेष डिजाइन की बनी है जैसे कि समुद्र की लहरें हों. यह डिजाइन कोपाकबाना का ट्रेड मार्क है
.

कोपाकबाना में मैं और मेरा ब्राजीलियन मेज़बान कार्लोस 
 
        कोपाकबाना केवल रियो डि जनेरो में ही नहीं है . हमारे हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर में भी है.  मंडी के लोकप्रिय  राजमहल होटल की बार का नाम भी कोपाकबाना हैजो इसी बीच के नाम पर रखा गया हैमंडी के अंतिम राजा जोगिन्दर सेन ब्राज़ील में भारत के राजदूत थे . शायद वे इस सुन्दर बीच का नज़ारा भूल नहीं पाए और उन्होंने यह दूसरा कोपाकबाना बना दिया.
 
 
 
 बीच पर ब्राजीलियन बीयर का आनंद लेते हुए